नींद को अकेला कारण न मानें
कम या खराब नींद ऊर्जा, तनाव, मूड और रोज़मर्रा की निर्णय-क्षमता को प्रभावित कर सकती है। यौन स्वास्थ्य भी इन्हीं व्यापक प्रणालियों से जुड़ा है। लेकिन केवल नींद देखकर किसी व्यक्ति की स्तंभन समस्या का कारण तय नहीं किया जा सकता।
सात दिन की छोटी डायरी
सोने का समय, उठने का समय, रात में जागना, दिन की थकान, कैफीन, शराब और यौन अनुभव को छोटे नोट में लिखें। उद्देश्य “स्कोर” बनाना नहीं, पैटर्न देखना है।
खर्राटे और अत्यधिक दिन की नींद
अगर तेज खर्राटे, सांस रुकने की शिकायत, सुबह सिरदर्द या दिन में बहुत अधिक नींद आती है, तो इसे सामान्य थकान मानकर न छोड़ें। स्वास्थ्य पेशेवर से चर्चा उपयोगी हो सकती है।
क्या न करें
ऑनलाइन किसी एक सप्लीमेंट, हार्मोन या नींद की गोली को स्वयं शुरू करके कारण “टेस्ट” करने की कोशिश न करें। दवाएँ स्वयं भी यौन कार्य को प्रभावित कर सकती हैं।
