मन और शरीर अलग-अलग बॉक्स नहीं
चिंता, अवसाद, तनाव, low confidence और relationship tension यौन प्रतिक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। साथ ही physical causes भी मौजूद हो सकते हैं। एक को चुनकर दूसरे को नकारना जरूरी नहीं।
एक असफल अनुभव का चक्र
कभी-कभार की परेशानी के बाद “अगली बार क्या होगा?” वाली चिंता बढ़ सकती है। यह दबाव arousal पर असर डाल सकता है और वही अनुभव दोहरा सकता है।
बातचीत उपयोगी हो सकती है
साथी के साथ स्पष्ट, non-judgmental बातचीत और जरूरत पर counselor/therapist से मदद performance pressure कम करने में सहायक हो सकती है।
कब और जाँच करनी चाहिए
अगर समस्या लगातार बनी रहे, स्वतः होने वाले erections में भी बदलाव हो, या diabetes/heart disease जैसी condition हो, तो केवल “stress” मान लेना पर्याप्त नहीं है।
